ग्रामीण महिलाओं के हुनर से गुलजार हुआ राजीविका दिवाली मेला, दूसरे दिन उमड़ा खरीदारों का उत्साह
स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी के साथ महिला सशक्तीकरण का संदेश दे रहा राजीविका दिवाली मेला-2026,
4 नवंबर तक सुबह 10 से रात 9 बजे तक कर सकेंगे खरीदारी, प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क
जयपुर, 29 अक्टूबर। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की ओर से आयोजित आठ दिवसीय राजीविका दिवाली मेला-2026 के दूसरे दिन ग्रामीण महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता की अनूठी झलक देखने को मिली। जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान (आईजीपीआरएस) परिसर में आयोजित मेले में खरीदारों का उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। दिवाली की रौनक के बीच यह मेला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। मेले में 100 से अधिक स्टॉलों पर ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की विविधता देखने को मिल रही है। कोटा डोरिया की आकर्षक साड़ियां, जयपुर की विश्व प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, डोरमैट और कारपेट खरीदारों की पसंद बने हुए हैं। वहीं दिवाली के मद्देनजर रंग-बिरंगे दीये, मोमबत्तियां, रंगोली और घर की सजावट से जुड़ी हस्तनिर्मित सामग्री की भी विशेष मांग बनी हुई है। इन उत्पादों में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और कौशल की झलक दिखाई दे रही है। राजीविका दिवाली मेला 28 अक्टूबर से 4 नवंबर, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। मेले में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है। जयपुरवासी यहां दिवाली की खरीदारी के साथ ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा तैयार अनूठे हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदकर उनके आर्थिक सशक्तीकरण में भागीदार बन सकते हैं।









